‘भाई मेरी हत्या हो जाएगी। मुझे फंसाने की साजिश रची जा रही है। मुझे बचा लो।’ अपनी हत्या की आशंका जताते हुए 19 जुलाई को यह फोन दिल्ली से शिवांक पाठक ने सुल्तानपुर में रहने वाले अपने छोटे भाई इशांक को किया था।